Rich Vs Poor | अमीर और गरीब भाई | Short Moral stories in Hindi

Welcome to a new story in Kids stories in Hindi. Today we are going to tell short moral stories. Let's Start the moral story: 

Short Moral Stories In Hindi
Short Moral Stories for kids

Rich Brother Vs Poor Brother | Short Moral Story in Hindi 

मंगलपुर नामक एक जाऊँ में छोटा सा पारिवार रहता था जिसमे सबिता नामकि एक औरत और उसके दो बेटे थे।  अपने पति अचानक मृत्यू के बाद घर का सारा भर सबिता पर ही आ गया दो बेटो की परवरिश और पढ़ाई लिखाई में ही उसका सारा जीवन निकल गया। लेकिन जब उसके बच्चे बड़े हुए तब सबिता को एक बड़ा फैसला लेना था। 

अरे सबिता बेहेन तुम यहाँ , आवो अंदर आओ। क्या हुआ सब कुछ ठीक हे न। 

श्री धार भईयाजी आप जानते तो हे ना, मेरे दोनों  मुश्किल से  पाला हे मेने अब उनके सेहर जाकर कॉलेज पड़ने का टाइम आ गया हे मगर मेरे पास इतने पैसे नहीं हे की में डॉन ोको आगे पढ़ा सकू। अगर एक बेटे को नहीं पढ़ाया तो उसके साथ अन्याय होगा ऐसे में में क्या करू 

तुम शांत हो जाओ और ये बताओ की दोनों में से होशियार कोण हे। मेरा मानब ज्यादा होसियार हे। यू तो अतुल भी ठीक थक पढ़ लेता हे मगर मानब पढ़ने में ज्यादा अच्छा हे। 

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तो बस फिर अतुल दोनों में से बड़ा हे और होशियार भी , तुम उसे सेहर ोपढ़ने के लिए भेजो और मानब को अपने पास ही रखो। मेरे जान पहचान में एक हलवाई के यहाँ नौकरी खाली हे , में उसे वही पर लगवा दूंगा। 

श्रीधर की बात सुनकर सबिता को तस्सली मिलती हे।  वो मानब को बाहर पढ़ने के लिए भेजती हे और अतुल को रामु हलवाई के यहाँ नौकरी करने के लिए लगा देती हे। अतुल को न पढ़ पाने का अफ़सोस तो बोहोत था मगर अपनी घर की हालात भली भाटी जनता था। इसीलिए उसने आगे पढ़ने की बिलकुल भी जिद नहीं की। 

दिन ऐसे ही बीतता रहा और  तीन साल बाद मानब को एक बड़े फ़ूड चैन में जूनियर मैनेजर की नौकरी मिल जाती हे। 

माँ ये लो मिठाई खावो मेरी प्लेसमेंट एक बड़ी फ़ूड चैन में मैनेजर के लिए  हो गयी हे। 

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थोड़े महीनो में मानब की प्रोमोशन जूनियर से सीनियर मैनेजर में हो जाती हे  और वो अतुल और सबिता को सेहर ले जाता हे। 

माँ कल मेरे बोस डिनर के लिए आ रहे हे , जब मेने उन्हें बताया की में अपने पुरे परिवार को यहाँ ले आया हु तो वह बोहोत खुस हुए। 

अरे वह तो बुलाले उन्हें आखिर हम भी तो मिले तेरे बोस को।  मगर माँ तुम तो  हो तो खाना कोन बनाएगा। 

तुम चिंता मत करो भैया जब तुम पढ़ रहे थे मेने रामु हलवाई के यहाँ बोहोत काम सिख लिया हे। तुम देखना ऐसे खाना बनाऊंगा की खाने के साथ उंगलिया भी चाट कर जायेंगे। 

मगर एक बात का ख्याल रखना अतुल बोस ५ स्टार होटल के मालिक हे खाना उसी के हिसाब से होनी चाइये। 

आप ये सब बातो की जरा भी टेंशन न लो भैया बस काम पे ध्यान दो। देखना खाना खाते ही आपकी डबल प्रोमोशन पक्की। 

कहते ही सब खिलखिला उठे। अगले दिन अतुल खूब मन लगा कर बोहोत सारे स्वादिस्ट ब्यंजन बनता हे। 

" भैया लगता हे आपके बोस आ गए हे में दरवाजा खोलता हु।  


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"नहीं नहीं तू रहने दे , बोस क्या सोचेंगे की कैसे कपडे पहने हे इसके भाई ने , में खोलता हु दरवाजा।  और सुन तू अंदर ही रहना ज्यादा बहार निकलने की जरुरत नहीं हे। अतुल ये सुनकर बोहोत उदास हो जाता हे और बिना कुछ कहे अंदर जाकर डाइनिंग टेबल सजाने लगता हे। 

"आइये सर आइये , गुड मॉर्निंग अतुल ,

गुड़ मॉर्निंग सर।  वह अतुल तुम्हारा घर तो बोहोत सूंदर हे।  तुम्हारी माँ और भाई कहा हे।  में अभी मिलवाता हु सर।  

'माँ ओ माँ , बोस आये हे। 

"नमस्ते भाईसाहब , कैसे हे आप।  

'यहाँ मानब उसके बोस और उसकी माँ एक दूसरे से बात कर रहे होते हे और वह अतुल खाने की तयारी में लगा था। 

थोड़ी देर बाद वो सब डाइनिंग टेबल पर डिनर करने आये।  टेबल को सजा हुआ देख अतुल का बोस बोहोत खुस होता हे। 

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एक साइड फोर्क दूसरी साइड चाकू और चम्मच , टिश्यू टेबल क्लॉथ सब कुछ एकदम परफेक्ट था 

" आई होप यू लिखे थे फ़ूड सर ,

ये तो बोहोत बढ़िया था किसने बनाया हे?

जी मेरे छोटे बेटे अतुल ने।  अरे मानब अतुल घर पे ही हे।  अब तक तूने मिलवाया नहीं मुझे उससे। 

वो सर खाना बनाने में बिजी था ान इसीलिए। 

अतुल, अतुल बेटा , इधर तो आ जरा। 

"अतुल हिचकिचाता हुआ बाहर आता हे। 

"वह बेटा खूब बढ़िया खाना बनाया हे तुमने तो , कही से कुकिंग का कोर्स किया हे क्या ? 

"अरे नहीं सर, ये तो हमारे गाओं में एक छोटे हलवाई के यहाँ नौकर था इसलिए थोड़ा बोहोत बना लेता हे "

अपने भाई के मुँह से ये सुनकर अतुल फिरसे दुखी हो जाता हे और खाना खाने के लिए बैठ जाता हे। 

जाने से पहले अतुल के बोस मानब को एक ऑफर देते हे 

"खाना खाके मजा आ गया , न ही खाना बल्कि टेबल डेकोरेशन का भी पूरा ख्याल  रखा था अतुल ने। 

सुनीता जी अगर आप बुरा न माने तो एक बात कहना चाहूंगा

आपका बेटा बोहोत टेलेंटेड हे हमें एक नए शेफ की जरुरत हे। अतुल वह हेड शेफ की नौकरी करना पसंद करेगा। 

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मगर सर अतुल ने कोई फॉर्मल डिग्री नहीं ली हे इसमें तो , ये तो ऐसे ही बस थोड़ा बोहोत कर लेता हे। 

वो थी टेशन नहीं हे मानब  बस स्वाद एक नंबर चाइये और कुछ नहीं। 

"अतुल कल तुम मानब के साथ ऑफिस आ जाना और वही पे एक डिश बना के खिला देना। 

ये सुनकर अतुल तो बोहोत खुस होता हे मगर मानब को ये बात बिलकुल पसंद नहीं आती। अगले दिन अतुल वह पोहोच कर अपनी डिश बनाने लगता हे 

'ये लीजिये सर, दाल बाटी चूरमा with Italian twist  . 

वह वाह खूब , क्या बढ़िया डिश हे , इसमें जो पुदीना का फ्लावर हे मुझे बोहोत ही पसंद आया। 

" क्या आपको अच्छी लगी सर , क्या में चख सकता हु " मानब ने हिचकिचाते हुए पूछा। 

अरे ये तो बोहोत अच्छी हे।  तो फिर , 

'क्यू चौक गया न। सर ने गुस्से से मानब की और देखा। 

'क्या हुआ सर , में कुछ समझा नहीं। 

अब तुम इसे खुद बताओ या में बताऊ। 

'वो अतुल मेने इस रेस्टोरेंट के शेफ को तुम्हारी डिश में नमक मिर्ची डालने के लिए कहा था , ताकि तुम्हे यहाँ नौकरी न मिले 

'क्या" अतुल ये सुन के चौक जाता हे। 

है,  मानब को फ़ोन में ये बात करते हुए सबिता बेहेन ने सुन लिया और मुझे पहले ही इन्फॉर्म कर दिया। 

इससे पहले की वह शेफ कुछ कर पाता मेने उसे काम से निकल दिया। 

"मगर भैया ऐसा क्यू किया आपने" अतुल दुःख भरे आखो से मानब को पूछता हे। 

में नहीं चाहता था की तुझे वि मेरे जितना पैसा और लाइफस्टाइल मिले , में चाहता था की तू ऐसे ही मेरे टुकड़ो पर पले। 

यू अरे फायर्ड, मानब 

नहीं सर ऐसा मत करिये मेरा भाई दिल का बुरा नहीं हे आप उसे नौकरी से मत निकालिये। 

देखा मानब तूने क्या कुछ किया मगर फिर भी अतुल तुमसे कितना प्यार करता हे 

मुझे माफ़ सर ,  तुम भी सको तो मुझे माफ़ करदो। 

मानब को अपनी गलती का एहसास हो जाता हे और वो दोनों हसी खुसी रहने लगते हे। 


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Story of Two Sons | Poor Vs Rich




But when her children grew up, Sabita had to take a big decision.

Hey Sabita Behen you are here, come in. What happened everything is fine, isn't it?

Mr. Dhar Bhaiyaji, you know, are you not, both of me have difficulty bringing up, now it is time for them to go to college and go to college, but I do not have enough money that I can study Don further. If a son is not taught, then injustice will be done to him, in such a situation what should I do?

You calm down and tell me which of the two is the smarter angle. My mind is smarter. You can read Atul too tired, but Manab is better at reading.

So just then Atul is the older of the two and smarter too, you send him to study and keep Manab with you. In my acquaintance, a job is vacant at a confectioner's place, I will get it fixed at the same place.

Sabita gets reassured after listening to Sridhar. She sends Manab to study outside and puts Atul to work with Ramu Halwai. There was a lot of regret for not being able to read Atul, but the condition of his house was well known. That is why he did not insist at all to study further.

The day went on like this and after three years Manab gets a job as a junior manager in a big food chain.

Maa, take this sweet, my placement has been done for a manager in a big food chain.

Within a few months, Manab gets promoted from junior to senior manager and he takes Atul and Sabita to Sehar.

Mother my boss is coming for dinner tomorrow, when I told him that I have brought my whole family here, he was very happy.

Hey, he called them, after all, we also met your boss. But if you are a mother, who will cook the food?

Don't you worry brother, when you were studying, I learned a lot of work at Ramu Halwai. You will see that I will cook food in such a way that along with the food, your boos will also lick the finger.

But take care of one thing, Atul,  Bose is the owner of a 5-star hotel, the food should be according to that.

Don't worry about all these things, brother, just pay attention to your work. See, your double promotion is confirmed as soon as you eat food.

Everyone laughed as soon as he said it. The next day, Atul makes a lot of delicious dishes with a lot of heart.

Brother, it seems that your boss has come, I will open the door.

"No no, you let it stay, what will Bose think, how will his brother wear clothes, I open the door. And listen, you do not need to go out much to stay inside. Atul gets very sad after hearing this and without saying anything Going inside starts decorating the dining table.

"Come on sir, good morning Atul,

Good morning sir. hello Atul, your house is very beautiful. Where are your mother and brother? 

I will introduce you now sir.

'Mother, oh mother, Boss has come.

"Hello brother, how are you?

'Here Manab, his boss, and his mother were talking to each other and Atul was preparing the dinner.

After a while, they all came to the dining table to have dinner. Atul's Bose was very happy to see the table is decorated.

one side fork the other side knife and spoon, tissue table cloth everything was perfect

"I hope you like the food sir,

This was very nice, who made it?

Yes, my younger son Atul. Hey Manab Atul is at home. Till now you have not introduced me to him.

he was busy cooking, that's why.

Atul, come here.

"Atul comes out hesitantly.

"Your son made very good food, you have taken a cooking course from somewhere, have you?

"Oh no sir, he was a servant of a small confectioner in our villages, so he makes a lot of it."

Hearing this from his brother's mouth, Atul becomes sad again and sits down to eat.

Before leaving, Atul's Bose makes an offer to Manab.

"It was fun eating the food, not only the food but also the table decoration was taken care of by Atul.

Sunita Ji if you don't mind then I would like to say one thing

Your son is very talented, we need a new chef. if Atul would love to do the job of Head Chef.

But Sir Atul has not taken any formal degree, in this, he does just a little bit like this

"Atul, tomorrow you come to the office with Manab and make a dish on it and feed it.

Atul would be very happy to hear this, but Manab does not like this thing at all. The next day Atul approaches and starts making his own dish.

'Lake this sir, dal baati churma with Italian twist.

Wow, what a wonderful dish, I really liked the mint flower in it.

"Do you like it, sir, can I taste it?" Manab asked hesitantly.

Oh, this is very good. Then,

'Why didn't you go? Sir looked at Manab angrily.

'What happened sir, I didn't understand anything.

Now you tell it yourself or I will tell.

'That Atul, I told the chef of this restaurant to put salt and pepper in your dish, so that you do not get a job here.

'What' Atul gets shocked hearing this.

Yes, while talking to Manab on the phone, Sabita Behen overheard me and informed me already.

Before that chef could do anything, I fired him.

"But brother, why did you do this?" Atul asks Manab with sad eyes.

I didn't want you to get as much money and lifestyle as me, I wanted you to grow up on my pieces like this.

You are fired, Manab

No sir don't do this, my brother is not bad at heart, don't fire him from his job ' Atul requested to the boss'

See Manab what have you done but still, Atul loves you so much

"I'm sorry sir, forgive me if you can too".

Manab realizes his mistake and both of them start living happily.


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