Fairy Tales Short Stories In Hindi || Small Moral Stories

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Fairy Tales Short Stories In Hindi || Small Moral Stories

Fairy Tales Short Stories In Hindi || Small Moral Story in Hindi



1. महात्मा बुद्धा की सिख

Fairy Tales Short Stories In Hindi || Small Moral Stories

एक बार गौतम बुद्धा अपने सिक्ष्य के साथ एक गाओं से दूसरे सेहर में जा रहे रहे थे। सेहर काफी दूर था इसीलिए यात्रा करते समय वे अपने सिक्ष्यो की थकन मिटने के लिए एक झील के पास ही रुके। और फिर सिक्ष्यो की प्यास बुझाने के लिए अपने एक सिक्ष्यो से झील से पानी लाने को कहा।

तो वह सिक्ष्य गौतम बुद्धा की आज्ञा पाकर बर्तन में पानी लेने चला गया। फिर झील के पास जाकर देखता हे की कुछ लोग पानी में कपडे धो रहे हे और उसी समय एक बेल गाड़ी भी झील के किनारे से जाने लगी जिससे साडी मिटटी झील के पानी में घुल गयी और पानी गन्दा हो गया। यह सब देख कर वो शिक्ष सोच में पढ़ गया की भला वे गन्दा पानी कैसे महात्मा बुद्धा को पिने के लिए दे सकता हे और यही सोच कर वे बापस भगबान बुद्धा  पास चला आया। और आकर भगबान गौतम बुद्धा से बोला की झील का पानी बोहोत ही गन्दा हे और साड़ी स्तिथि से अबगत करा दिए और कहा की ऐसा पानी पिने के योग्य नहीं हे।

इसपर भगबान  बुद्धा ने कहा ठीक हे चलो थोड़ी देर आराम कर लो। फिर लग भाग आधे घंटा बीतने के पश्चात बुद्धा ने उस सिक्ष्य से पानी लाने को कहा। और फिर भगबान बुद्धा की आज्ञा पाकर वे सिक्ष्य फिरसे झील में पानी लेने चला गया। तो इसबा देखता हे की झील के पानी में कोई भी हलचल नहीं हे और पूरा पानी साफ़ पिने के योग्य हे और जो उस समय मिटटी दिखाई दे रही थी वे मिटटी भी झील की तली में बईठ गयी थी।

इसके बाद सिक्ष्य ने अपनी बर्तन में पानी भरा और बापस भगबान बुद्धा के पास पानी लेकर आ गया

इस पर साफ़ पानी देखकर भगबान बुद्धा ने उस सिक्ष्य से कहा "देखो किस प्रकार मिटटी भी अपने स्तान पर चली गयी हे और पूरा पानी साफ़ सुथरा पिने की योग्य हे। इसके लिए हमें कोई प्रयास नहीं करना पड़ा बस अच्छे समय का इंतजार करना पड़ा फिर हमें अच्छा पानी पिने के लिए मिल गया। इससे यही सिद्ध होता हे की भले ही  जीवन में कितना कठिन समय क्यू ना आए अगर थोड़ी देर ठहर कर उस बक्त के बीतने का इंतजार कर ले तो आने वाला समय अपने आप अच्छा हो जायेगा।

ये बाते सुनकर वे सिक्ष्य भगबान बुद्धा के सरन में नतमस्तक हो गया और इस सिख के लिए भगबान गौतम बुद्धा को धन्यवाद दिए

इस कहानी से हमें यह सिख मिलता हे की हमें प्रतिकूल परिस्तितियों में बिचलित नहीं होना चाहिए  बल्कि एक सही समय का इंतजार करना चाहिए क्यू की सही बक्त आने पर अपने आप सब कुछ ठीक हो जाता हे।

2. रॅपन्ज़ेल

(Fairy Tales Short Stories In Hindi)


 एक बार एक शादीशुदा जोड़ा था जो एक बच्चे की उम्मीद कर रहा था। पत्नी रॅपन्ज़ेल को तरस रही थी जो केवल चुड़ैल के बगीचे में बढ़ती है। डार्लिंग, क्या तुम मुझे कुछ रॅपन्ज़ेल ला सकते हो? "
पत्नी के कहने पर पति चुड़ैल के बगीचे में घुस गया। तभी चुड़ैल गुस्से में दिखाई दी।
“तुमने मुझसे चोरी करने की हिम्मत कैसे की? आप मुझे अपना बच्चा बदले में देंगे। " जब बच्चा पैदा हुआ, तो चुड़ैल उसे ले गई।
डायन ने बच्चे का नाम रॅपन्ज़ेल रखा। और उसे एक ऊंचे टॉवर में बंद कर दिया।
“रॅपन्ज़ेल वहाँ बहुत सारे बुरे लोग हैं। आपको इस टॉवर को कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
सालों बीत गए और रॅपन्ज़ेल बड़े सुनहरे बालों वाली एक खूबसूरत लड़की बन गई। चुड़ैल हर दिन रॅपन्ज़ेल से मिलने आती थी।
“रॅपन्ज़ेल, रॅपन्ज़ेल! अपने बाल नीचे कर दो! ”
रॅपन्ज़ेल ने बहुत ऊपर एक छोटी खिड़की के माध्यम से अपने बालों को नीचे गिरा दिया, ताकि चुड़ैल टॉवर पर चढ़ सके।
एक दिन, रॅपन्ज़ेल बाहरी दुनिया के बारे में उत्सुक हो गया। "माँ, मेरी इच्छा है कि मैं टॉवर पर चढ़ सकूँ?"
“नहीं, तुम इस टॉवर को कभी नहीं छोड़ना। क्या आप मुझे समझते हैं?"
रैपुनजेल ने अपने टूटे हुए दिल के साथ, अपने दुख में गाना शुरू कर दिया।
"एक टॉवर में बंद, अकेला रॅपन्ज़ेल। जब मैं दुखी और अकेला महसूस करता हूं, मैं गाता हूं; एक ला सिंगिंग मेरा एकमात्र दोस्त है।
एक राजकुमार वहां से गुजर रहा था और उसकी प्यारी आवाज सुनी।
“ओह्ह, वह सुंदर आवाज़ कहाँ से आ रही है?
तभी चुड़ैल ने रॅपन्ज़ेल कहा! और लंबे सुनहरे बाल उतर आए। जब चुड़ैल ने राजकुमार को छोड़ा तो वह टॉवर पर गया और एक शब्द कहा जो उसने अभी-अभी सुना था।
रॅपन्ज़ेल! अपने बालों को नीचे करें। जब सुनहरे बाल उतरे तो वह टॉवर पर चढ़ गया।
"आप सभी को यहाँ आने के लिए बहुत बहादुर होना चाहिए ”राजकुमारी ने कहा
राजकुमार और रॅपन्ज़ेल को पहली नजर में प्यार हो गया। जब चुड़ैल को पता चला कि वह उग्र थी।
"तुम दोनों एक दूसरे को फिर कभी नहीं देखोगे!"
चुड़ैल ने रॅपन्ज़ेल के लंबे बालों को काट दिया और राजकुमार को टावर से उतरने के लिए धक्का दिया। राजकुमार कंटीली झाड़ियों में गिर गया और उसकी आँखें बुरी तरह से चोट लगीं।
“ऊँ नू! मैं नहीं देख सकता, रॅपन्ज़ेल आप कहाँ हैं? "
मेरे राजकुमार को पकड़ो, मैं वहाँ उतर जाऊँगा। ”
रॅपन्ज़ेल ने अपने राजकुमार को बुरी तरह से घायल पाया और रोने लगी।
मेरा राजकुमार! ओ मेरे राजकुमार! कृपया अपनी आँखें खोलें!
और फिर कुछ जादुई हुआ। राजकुमार ने धीरे-धीरे अपनी आँखें खोलीं क्योंकि रॅपन्ज़ेल की अश्रुधारा उसके चूजे पर गिरी।
"रॅपन्ज़ेल, आपने मुझे बचा लिया!"
रॅपन्ज़ेल और राजकुमार खुशी-खुशी रहते लगे ।

3. जादुई किताब

(Small Moral Story in Hindi)
Fairy Tales Short Stories In Hindi


मेल गाओं में पांच दोस्त रहते हे। बकया , टिकिया पपैया गपिया और भोलू। पांचो एक नंबर के आवारा हे। पुरे दिन बस घूमना खेलना और आकर खा पीकर सो जाना। यही इनका काम हे।
"ये भोलू तुझे खा था आज पिकनिक मानाने बहार पे पार वाले जंगल में जाना हे। "
"हां हम कबसे इंतजार कर रहे थे तू आया ही नहीं "
"यार पिताजी ने रात को बोहोत काम सोप दिया हे। में नहीं आ सकता। अगर काम पूरा नहीं हुआ तो वह मुझे बोहोत पीटेंगे। अरे एक बार पिट लेने दे न पिकनिक तो मनाएंगे
"नहीं यार अगली बार, इसबार तुम लोग जा कर ावो " भोलू ने कहा।
और उनके काफी मानाने के बाद भी भोलू को न आते देख वो चारो पिकनिक मानाने पहाड़ के पार वाले जंगल में पोहोच जाते हे।
वह घूमते हुए वो एक गुफा में पोहोच जाते हे जहा उन्हें एक धूल में लिपटी एक मोती सी किताब मिलती हे।
" अरे इस अँधेरी गुफा में इस मुक्ति सी किताब किसी हे"
"देखो यार संसार में चार बीएड ऐसे ही मिले थे। कही ये पांचवा बीएड तो नहीं " उनमे से एक कहता हे
"हां अगर हुआ ना तो दुनिया में हमारा नाम हो जायेगा। लोग हमें आवारा कहना बंद कर देंगे। "
" में एक जादुई किताब हु , जो भी मुझे खोलेगा वे जो चाहे एक बार मांग सकता हे। उन्हें मांगी हुई चीज मिल जाएगी पर याद रहे आप एक बार ही मुझे कुछ मांग सकते हूँ। एक बार अपने मांग लिया fir में आपके लिए एक मामूली किताब बनकर रह जाउंगी " किताब ने उनसे कहा।
" क्या बात करता हे ला में मांग कर देखता हु " उनमे से एक ने किताब को खोला और कहा " हे जादुई किताब मेरे घर में खूब सारा धन भेज दो "
अरे किताब में तो तेरा घर दिख रहा था ला मुझे मांगने दे " दूसरा दोस्त उससे किताब लेकर कहता हे " मेरे घर में खूब सारा अनाज भेज दो जो कभी ख़तम ही न हो। 
उसके बाद तीसरा भी कहता हे " मेरे बापू के खेत से जुड़े सारे खेत मेरे बापू के हो जाये जो कभी उनसे कोई ना चीन सके। 
" मेरे पिताजी का टूरिस्ट का बिज़नेस और भी बढ़ जाये "
इस तरह सरे दोस्तों ने किताब से कुछ मांग लिया। 
"काश हमारे साथ भोलू भी होता वो भी मांग लेता।  उसके बापू का काम करने से तो isme ज्यादा ही फायदा होता। "
चारो जब अपने अपने घर पॅहुचते  हे तो उनके घर वाले उनकी बात सुनकर खुस हो जाते हे और उन्हें खूब प्यार करते हे की आज उनलोगो की आवारा गर्दी काम आ गयी। 

4. जंगली हंस


दूर, ग्यारह राजकुमारों और राजकुमारी एलिजा हैं। एक दुष्ट रानी है। वह एक चुड़ैल है। वह एलिजा और ग्यारह राजकुमारियों से नफरत करती है। रानी की बातें,
"मैं उन्हें दूर कर दूँगा!"
"अब्रकद्र!, राजकुमारी हंस बन गई!"
रानी राजकुमारी को हंस बना देती है।
‘साहब !, साहब!” अब राजकुमारी हंस की तरह लग रही है।
रानी एलिजा का चेहरा काला कर देती है। इसलिए एलिजा झील पर जाती है। और उसने अपना चेहरा धोया। अब उसका चेहरा साफ और सुंदर है।
हंस झील में उड़ जाते हैं। जब सूरज सेट हंस एक राजकुमारी बन गया।
"ओह! तुम यहां हो! एलिजा कहती हैं।
वह राजकुमारी से मिलता है। जब सूरज उगता है तो राजकुमारी फिर से हंस बन जाती है। वे एलिजा के साथ आकाश में उड़ते हैं और द्वीप की भूमि पर पहुंचते हैं। एक दूत प्रकट होता है और कहता है,
"यदि आप अपने भाइयों के लिए नेटल शर्ट बनाते हैं, तो वे फिर से राजकुमारी बन जाएंगे।"
"लेकिन आप अपने कपड़े बनाते समय किसी को नहीं बता सकते हैं"।
इसलिए एलिजा ने नेटल्स को इकट्ठा किया और शर्ट बनाई। उसके हाथों से खून बहता है लेकिन वह सोचती है, "मैं इसे अपने भाइयों के लिए करूंगी।"
द्वीप भूमि में राजा एलिजा को देखता है। उसे उससे प्यार हो जाता है।
"मुझसे शादी करोगी?" वह पूछता है
वह बिना कुछ बोले सिर हिला देती है। राजा ने एलिजा से शादी की। लेकिन लोगों को लगता है कि वह अजीब है।
रानी एलिजा केवल पूरे दिन कपड़े बनाती है। ”
‘शायद वह एक चुड़ैल है!”
रानी एलिजा को महल छोड़ना चाहिए। लोग चिल्लाते हैं, “चुड़ैल! चले जाओ!"
वह सोचती है, "मैं सिर्फ कपड़े खत्म करना चाहती हूं।"
अंत में, वह पूरा करती है। फिर वह बिछुआ शर्ट हंसों को फेंकती है। हंस राजकुमारी बन जाते हैं।
"राजकुमारी जादू से मुक्त है!"

अब एलिजा बोल सकती है।


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